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दौड़-(मैराथन)

दौड़ के प्रकार, फायदे और जरूरी बातें

Types of Races, Benefits and Essentials

“दौड़” एक गति से संबधित एक्सरसाइज है। यह शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक है। यह शरीर को स्वस्थ और हृष्ट-पुष्ट रखने में सहायक है। विश्वभर में अनेकों लोगों की रूचि ओलम्पिक के दौड़ वाले खेलों स्प्रिंट रेस, बाधा दौड़, रिले रेस इत्यादि में है।

सन 1510 के दशक में पहली बार दौड़ प्रतियोगिया आयोजित की गई थी।

ओलंपिक खेलों में दौड़ के नए रुप में मैराथन जैसी तरह-तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती है, जिसमें भाग लेने वाले एथलेटिक्स अपने कौशल (Skills) का प्रदर्शन करते हैं।

मैराथन एक ऐसी दौड़ प्रतियोगिता है, जिसमें प्रतिभागी को बहुत ही लंबी दूरी तय करनी होती है। यह दूरी अधिक से अधिक लगभग 42.195 किलोमीटर होती है। सामान्य रूप से मैराथन सड़क दौड़ के तौर पर दौड़ी जाती है।

पूरे विश्व में प्रतिवर्ष लगभग 500 से भी अधिक मैराथनों का आयोजन किया जाता है, इसमें अधिकतर लोग केवल शौक के लिए भाग लेते है। कई प्रकार के बड़े मैराथनों में 10 से 15 हजार धावक शामिल होते है।

सन 1896 के दौरान, ओलंपिक खेलों में मैराथन एक श्रेष्ठ दौड़ के रूप में दौड़ी जाती थी। सन 1921 में इसकी दूरी को मानकीकृत किया गया।

दौड़ के प्रकार (Type of Race)

दौड़ खेलों के प्रकार (Types of Racing Games)

  • रिले दौड़ (Relay race)
  • स्टीपलचेज़ (Steeplechase)
  • मध्य-दूरी की दौड़ (Middle Distance Running)
  • स्प्रिंट (Sprint)
  • बाधा दौड़ (Obstacle Course Racing)

दौड़ के फायदे (Benefits of Running)

  • दौड़ हृदय के लिए बहुत ही लाभकारी है।
  • दौड़ लगाने से उपापचय (Metabolism) बढ़ाने में मदद मिलती है।
  • मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भी दौड़ आवश्यक है।
  • तनाव कम करने में भी दौड़ का महत्वपूर्ण योगदान है।
  • दौड़ने से हड्डियां तो मजबूत होती ही हैं साथ ही अतिरिक्त चर्बी कम करने में भी मदद मिलती है।
  • दौड़ लगाने से अच्छी नींद आती है और दिमाग भी स्वस्थ रहता है।
  • डायबिटीज और डिप्रेशन जैसी समस्या दौड़ने से कम हो जाती है।
  • दौड़ने से वजन कम होता है और पाचन तंत्र भी मजबूत होता है।

सावधानियां (Precautions)

  • जब भी दौड़ के लिए जाए, तो अपने साथ पानी की बोतल अवश्य लेकर जाए।
  • दौड़ते समय सांस न रोके, साँस लेते रहे।
  • दौड़ते समय कोशिश करें कि नजरे सामने ही रखें।
  • थक जाने पर दौड़ना बंद कर दे ,जबरदस्ती दौड़ने का प्रयास न करें।
  • शुरुआत में एक दम से तेज न दौड़े , धीरे-धीरे रफ्तार बढ़ाए।
  • सिर दर्द, बुखार आदि जैसी बीमारी होने पर दौड़ने से परहेज करें।
  • हमेशा सही तरीके से ही दौड़ लगाएं।

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