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केरला

केरल की ये खास जगहें (Special Places of Kerala), जो कराएगी आपको यहां की परम्पराओं से परिचित

These Special Places of Kerala, Which will Make you Familiar With the Traditions here

केरल की ये खास जगहें (Special Places of Kerala) जो आपको मंत्रमुग्ध कर देंगी।

केरल भारत के दक्षिण प्रांतों में से एक बहुत ही खूबसूरत प्रांत है। यह प्रांत अपने पर्यटक स्थलों के लिए दुनियाभर में विख्यात है। यहां पर प्राकृतिक सौन्दर्य देखने के लिए विश्वभर से लोग आकर प्रकृति के दर्शन करते है। केरल की प्राकृतिक सुंदरता और संस्कृति लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

केरल राज्य गोड्स ओन कंट्री (God’s Own Country) के नाम से विश्वविख्यात है क्योंकि इस राज्य को भगवान का देश कहा जाता है। इस राज्य की सीमा ज्यादातर समुद्रीय तटों से घिरी हुई है, ये समुद्रीय तट केरल राज्य की सुंदरता को बढ़ावा देते है। केरल की कॉफी और चाय यहां की पहचान माने जाते है और यहां के हिल स्टेशन भी अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए बहुत फेमस है।

मुन्नार (Munnar)

मुन्नार केरल के सबसे सुंदर और लोकप्रिय हिल-स्टेशनों में से एक है। यह भारतीय उपमहाद्वीप में चाय के उच्चतम उत्पादकों में से एक है। यह हरे-भरे चाय के बागानों, धुंध की घाटियों और ठण्डी हवा के सुंदर ह्रदय एक विचित्र हिल स्टेशन के पहाड़ों के बीच बसा हुआ हैं। यह हिल स्टेशन नए शादीशुदा जोड़े के लिए भारत का एक काफी लोकप्रिय हनीमून डेस्टिनेशन भी है। मुन्नार शहर को शहर के जीवन से अलग अरब सागर और पश्चिमी घाट के एक छोटे से हिस्से से घिरा हुआ है। यहां आप कई प्रकार की चाय और चॉकलेट का आनंद ले सकते हैं।

मुन्नार अपनी ठंडी हवा और जगह की शानदार सुंदरता पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यह अपने चारो तरफ से चाय के बगानों और हरी भरी पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यहाँ राजामलाई नेशनल पार्क, गुलाब बाग, चाय संग्रहालय और पोथामेडू व्यू प्वाइंट प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहाँ पर बहुत ऊँची ऊँची पहाड़ीयो से आप बादलों को छु सकते है और हरी चाय के खेतों को बहुत करीब से देख सकते हैं।

आलप्पुषा़ (Alappuzha)

केरल में समुद्र तटों, मंदिरों और पारंपरिक बोट रेस के लिए जाना जाने वाला आलप्पुषा़ शहर बहुत प्रसिद्ध है। इसे अल्लेप्पी या अलप्पुझा के नाम से भी जाना जाता है। यह शहर सबसे अच्छे पर्यटन स्थलों में से एक होने के साथ-साथ कई अद्भुत स्थानों से सुसर्जित है। इस लोकप्रिय पर्यटन स्थल में आयुर्वेदिक स्पा और वेलनेस सेंटर भी बहुत प्रसिद्ध है। अल्लेप्पी शहर की सुंदरता को देखे, तो यह शहर किसी स्वर्ग से कम नहीं दिखता है।

चलती हुई नाव पे रहने का अनुभव बहुत अलग अहसास देता है। इसकी असीम सुंदरता, बैकवॉटर यात्रा हर साल पर्यटको को भारी मात्रा में आकर्षित करती है। इसमें अनेक झीलों, नदियों, पारंपरिक भोजन और अन्य आकर्षण चीजों को एक साथ देखा जा सकता है। अल्लेप्पी में छोटे गाँव, सुन्दर झीलों, शांत वातावरण और आरामदेह वातावरण पर्यटको को अपनी ओर आकर्षित करती है। केरल के इस स्थान को लैगून का घर भी कहा जाता है।

वायनाड (Wayanad)

केरल में वायनाड शहर अपने मसाला बागानों और वन्य जीवन के लिए प्रसिद्ध है। यह केरल के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों मे से एक है। यहाँ बाणासुर सागर बांध, पूकोडे झील, चेम्बरा पीक, सेंटिनल रॉक फॉल्स, कंथापारा जलप्रपात, सोचीपारा जलप्रपात, कुरुवा द्वीप, लक्कीडीह, मुथुरा वन्यजीव अभयारण्य, झरने और रुकने के लिए आरामदायक रिसोर्ट मौजूद हैं। वायनाड के हिल स्टेशन में ऐसे बेहतरीन रिसोर्ट है जैसे कि आप अपने आपको प्रकृति की गोद में महसूस करेंगे।

वायनाड केरल की सबसे ज़्यादा हरियाली युक्त जगह है। यहां चाय, कॉफी, इलायची, काली मिर्च और अन्य मसालों का उत्पादन होता है। यहां मुथंगा वन्यजीव अभयारण्य में चित्तीदार हिरण, चीता, बाइसन और भालू जैसे वन्यजीव प्रजातियों का घर है। वायनाड चारों ओर से खूबसूरत पहाडों की श्रंखलाओं से घिरा हुआ है। यह अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण भी बहुत प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। वायनाड का सटीक अर्थ मलयालम में ‘धान के खेतों की भूमि’ है।

वर्कला (Varkala)

केरल के दक्षिण भाग में स्थित अरब सागर के तट पर बसा वर्कला एक छोटा शहर है। जो अपने प्राचीन नीले समुद्र तटों के लिए प्रसिद्ध है। आप यहां के समुद्र तटों के चमकते नीले पानी में तैर सकते हैं। यहां पर केरल के संत श्री नारायण गुरु की समाधि भी है। वर्कला में आपको बहुत से मंदिर भी देखने को मिलेंगे। जो शिवगिरी मठ, जनार्दन स्वामी मंदिर, विष्णु मंदिर, आगेजों का किला आदि है। यह सारी दर्शनीय जगह पर्यटकों को अपनी ओर आकृषित करती है।

वर्कला शहर पर्यटकों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। जो मछलियों और झरनों के लिए लोकप्रिय है। वर्कला हिंदू संस्कृति के लिहाज से भी एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थान है। वर्कला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऊंची चट्टानों के साथ-साथ दुनिया भर से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस स्थान पर विभिन्न जल क्रीड़ा जैसे नौका विहार, सर्फिंग, पैरासेलिंग, जेटिंग आदि प्रयास करना न भूलें। वर्कला सबसे अच्छे समुद्र तटों में से एक है। यहां के समुद्र पर सन बाथ, नाव की सवारी, सर्फिंग और आयुर्वेदिक मालिश आदि रोचक गतिविधिया होती हैं।

थेक्कड़ी (Thekkady)

थेक्कड़ी एक सादगी से परिपूर्ण और हरीयाली से भरपूर वनक्षेत्र है। भारत के सबसे लोकप्रिय राष्ट्रीय उद्दानो में से एक परियार राष्ट्रीय उद्दान थेक्कड़ी में स्थित है। यह स्थान पेरियर वन्यजीव अभ्यारण के लिए सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। और हरे-भरे पेड़ों, चहकते पक्षियों, शानदार पहाड़ियों और आश्चर्यजनक शानदार नज़ारे देख सकते हैं। यहां आप केरल की जीवंत संस्कृति का अनुभव कर सकते हैं। केरल के सबसे अच्छे वन्य जीवन को देखने के लिए थेक्कड़ी झील की नाव यात्रा जरूर करें। वास्तव में थेक्कडी भारत में एक प्रकृति प्रेमी का स्वर्ग है।

थेक्कडी ‘द स्पाइस कैपिटल ऑफ केरल’ पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण केंद्र है। यह अनेक विलुप्त जानवरों और लगभग 200 से भी अधिक पक्षियों का निवास स्थान है। यहां आप हिरन, निलगिरी, जंगली बिल्ली, लंगूर और सांम्बर इत्यादि को बहुत नजदीक से देख सकते है। आप घने जंगल के बीच से होती हुई नदी से जा सकते है। थेक्कडी अपनी चाय, कॉफी और मसाले के बागानों के लिए भी प्रसिद्ध है। थेक्कडी की साल भर की सुखद और ठंडी जलवायु इसे एक अच्छा पर्यटक स्थल बनाती है।

पेरियार नेशनल पार्क (Periyar National Park)

पेरियार नेशनल पार्क केरल के प्रमुख पर्यटन स्थल होने के साथ-साथ भारत का सबसे बड़े टाइगर रिजर्व में से एक है। यहां आप मुल्लापाइपरियार डैम में बांस राफ्टिंग का आनंद ले सकते हैं। इस नेशनल पार्क में स्थित लगभग 100 साल पुराना मानवनिर्मित पेरियार लेक है, जोकि इस पार्क की शोभा बढ़ाता है। अभयारण्य के भीतर नाव में सुबह की सवारी एक बहुत ही अच्छा अनुभव होता है। आप यहां मसाले के बागानों और विभिन्न साहसिक खेलों का आनंद ले सकते हैं।

पेरियार नेशनल पार्क में आपको वन्य जीवों की कई सारी प्रजातियां देखने को मिलेगी। जैसे जंगली सूअर, हांथियों का झुण्ड, बाइसन, जंगली कुत्ते, लंगूर की प्रजातियां, सांभर, हिरण, टाइगर, विभिन्न प्रकार के पक्षियाँ आदि को बहुत पास से देख सकते हैं। थेक्कडी से लगभग 15 किमी की दूरी पर मंगला देवी मंदिर है। जो लगभग 1337 मीटर की ऊँचाई पर है। और यह चित्रा पूर्णमणी महोत्सव पर ही खुलता है। आप पेरियार के जंगल में एक रात की सैर का आनंद भी ले सकते हैं।

पूवर (Poovar)

पूवर केरल में नैय्यर नदी के बीच में स्थित आइलैंड पर बसा का एक छोटा सा देहाती शहर है। यहा ज्यादातर पर्यटक सुर्यस्त् के खूबसूरत दर्श्य को देखने के लिए आते है। यहाँ के मछुआरों की संस्कृति जाने के लिए भी पर्यटक यहाँ घूमने आते हैं। इसे शांत द्वीप भी कहते है। यहां की सुनहरी रेत और सुर्यस्त का खूबसूरत नजारा देखने लायक होता है। पूवर शहर तिरुवनंतपुरम से लगभग 36 किलोमीटर दूरी स्थित है।

पूवर मछली पकड़ने के लिए प्रसिद्ध है। इसलिए इसे मछुआरों का घर भी कहा जाता है। दूर-दूर तक फैला रेत आनंदमयी वातावरण और मचलती हवा का संगम मदहोश कर देने वाला है। पूवर में हाथी चट्टान काफी फेमस है। पूवर के गोल्डन सैंड बीच में आप घुड़सवारी व ऊँटसवारी कर सकते हैं। नैय्यर नदी में आप नाव की सवारी के द्वारा दलदली जंगल के खुबसूरत नज़रों का आनंद ले सकते हैं।

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